Tuesday, May 19, 2020

Books are rum

बड़े प्यारे लगते हैं पन्ने अगर किताब अनदेखे मिल जाएं
बड़े मुश्किल होते हैं  नाटक अगर वो समझ ना आएं

ख्याल ये होता है कि  पूरे रसगुल्ले मुँह में हों
ये पुस्तक गन्ने होते हैं साहब चूसने का भी धैर्य होने चाहिए 

ये फुल स्टॉप भोले होते हैं पथिक को रोकते रहते हैं
मुसाफिर जितना थकता है थकावट कमती जाती हैं 

संदेह नहीं कि बड़े निष्ठुर होते हैं ये गन्ने दाँतों से चैलेंज करते हैं
अब क्या बताएं आपको दाँतों को लड़ना भी यही सीखाते हैं

हसरत ऐ दिल तो यूँ होता है कि किताबें याद हों जाएं
गन्ने से द्रव्य निकलता है साहब रवा बड़े कम बनते हैं 

पुस्तकें द्रव्य देती हैं आप घड़ा बढ़ा लें अपनी
रवा तो तपने से ही बनेंगे आग बढ़ा लें अपनी 

विचलित ना हो मन समय का महत्व सोच सोच के
वक्त मीठे होते नहीं हैं रस में डूबा कर बनाने होते हैं 


किताबों के रस के भी अपने मिठास होते हैं
आप जितना पियोगे वो बढ़ते ही रहते हैं







All the lives

 Imaginations are either hijacked or taken off When emotion runs into their brackets. That's why buddhism taught the concept of Madhyama...